लोकतंत्र वाणी / संवाददाता
18,440 नियुक्तियां, 450 करोड़ की परियोजनाएं शुरू
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में आंगनवाड़ी व्यवस्था को डिजिटल और सशक्त बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए। इस दौरान 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए, वहीं 18,440 कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही 450 करोड़ रुपये से अधिक की बाल विकास एवं महिला कल्याण परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम में स्मार्टफोन वितरण से आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। इसके माध्यम से पोषण ट्रैकिंग, बच्चों का डेटा अपडेट, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और योजनाओं का रियल-टाइम संचालन संभव होगा।
नियुक्ति पत्र वितरण के तहत मीरा देवी (रायबरेली), महिमा (अमेठी), शहरुनिशां (सिधौली), शैलू सिंह (गोसाईगंज), किरण, सुभाषिनी, मेनका पाल (बक्शी का तालाब) को कार्यकत्री पद पर नियुक्ति पत्र दिए गए। वहीं सहायिकाओं में सुभाषिनी, मेनका पाल, मंजू सिंह, मुस्कान सोनकर और रूमा देवी को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
स्मार्टफोन वितरण में लखनऊ की कार्यकत्रियों आशा यादव, प्रीति सैनी, अमिता मिश्रा, अर्चना रावत, माया देवी, सुनीता रस्तोगी, निधि जायसवाल, मीना शुक्ला, प्रिया पाल और नेहा भारती को लाभ मिला। मुख्य सेविकाओं में पूनम राय, अरुणा वाजपेई, मीनू देवी, रूमी रानी और उषा देवी को भी स्मार्टफोन दिए गए।
कुपोषण से निपटने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्टेडियोमीटर, इन्फेंटोमीटर और वेइंग स्केल जैसे उपकरण वितरित किए गए। इनमें नाहिद परवीन, सावित्री, यूतिका सिंह, राधा पांडे, आस्था पाल, अनीता, नीलू रावत, राजरानी, बीना मिश्रा और रेखा मिश्रा शामिल रहीं।
प्रदेश में 23,697 ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ केंद्र विकसित किए जा चुके हैं, जिन पर 236 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 897 बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 1.89 लाख आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट और आधुनिक बनाया जा रहा है।

