लोकतंत्र वाणी / संवाददाता
नई दिल्ली ।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत ग्रीन अमोनिया खरीद और आपूर्ति समझौतों का आदान-प्रदान भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अटल अक्षय ऊर्जा भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह पहल देश के लिए बेहद अहम है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा भी मौजूद रहे।
जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक विकास और जलवायु कार्रवाई को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग, भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) और उर्वरक कंपनियों के बीच 10 वर्ष के समझौते ग्रीन अमोनिया उत्पादन को बढ़ावा देंगे और निवेश को आकर्षित करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है और आयातित धूसर अमोनिया के स्थान पर हरित अमोनिया अपनाने से घरेलू क्षमता मजबूत होगी। इससे अगले 10 वर्षों में लगभग 2.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बचत का अनुमान है।
जे.पी. नड्डा ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे उर्वरक क्षेत्र में टिकाऊ और किफायती समाधान मिलेंगे तथा किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने बताया कि प्रति वर्ष लगभग 7.24 लाख टन हरित अमोनिया आवंटन से आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक, उर्वरक विभाग के सचिव रजत कुमार मिश्रा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार द्वारा 19,744 करोड़ रुपये के बजट से लागू राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन (50 लाख मीट्रिक टन) हरित हाइड्रोजन उत्पादन करना है। इसके तहत भारतीय सौर ऊर्जा निगम द्वारा आयोजित निविदा प्रक्रिया में हरित अमोनिया की कीमत 49.75 से 64.74 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच तय हुई, जो वैश्विक कीमतों से काफी कम है।
इस योजना के तहत देशभर की 13 उर्वरक इकाइयों के लिए 7,24,000 टन वार्षिक क्षमता आवंटित की गई है। प्रमुख समझौतों में इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको), कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड, पारादीप फॉस्फेट्स लिमिटेड, ओस्तवाल समूह, इंडोरामा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एसीएमई क्लीनटेक, जैक्सन ग्रीन एंड ओसीआईओआर, एनटीपीसी नवीकरणीय ऊर्जा, ओरियाना पावर लिमिटेड और एससीसी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं।

