नई दिल्ली, एजेंसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय मलेशिया दौरा कर रविवार को
स्वदेश लौटे। उन्होंने इस आधिकारिक दौरे को दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को
सुदृढ़ करने वाला बताया।
पीएम मोदी ने मलेशिया की ओर से मिले प्रेम का आभार जताते हुए कुछ सुखद झलकियां सोशल
मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कीं। इसमें मलेशिया के विविध रंग और भारत के मूल निवासियों के
जुड़ाव की कहानी है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो क्लिप के साथ लिखा, “मुझे पिछले साल आसियान सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री
अनवर इब्राहिम ने मलेशिया बुलाया था। मैं नहीं आ पाया लेकिन उनसे वादा किया था कि जरूर आऊंगा,
और देखिए, 2026 की अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय यात्रा में मैं मलेशिया पहुंचा। पूरा भरोसा है कि ये दौरा
दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और धार देगा।”
वीडियो क्लिप में प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया में दिए भाषण के अंश हैं। शुरुआत दोनों देशों के आत्मीय
रिश्तों की डोर पर केंद्रित है। इसमें उनके भव्य स्वागत के कुछ अंश हैं। वे बोल रहे हैं, “भारत और
मलेशिया के संबंध बहुत विशेष हैं। हम मैरिटाइम नेबर हैं, सदियों से हमारे लोगों के बीच गहरे और
आत्मीय रिश्ते रहे हैं। आज मलेशिया भारतीय मूल की आबादी वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है।
हमारी सभ्यताएं साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी हुई हैं।”
पीएम नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच पुल का काम कर रही तमिल भाषा का भी जिक्र किया। उन्होंने
कहा, ‘तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम भारत और मलेशिया को जोड़ता है। मलेशिया में तमिल भाषा की
मजबूत और जीवंत उपस्थिति शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
पीएम मोदी ने इस दौरान आतंकवाद को लेकर जो कहा वो भी इस क्लिप में है। द्विपक्षीय वार्ता के
दूसरे दिन पीएम बोले, “हमारा साझा मत है कि आज की चुनौतियों का समाधान करने के लिए ग्लोबल
इंस्टीट्यूशन्स का रिफॉर्म जरूरी है। हम शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। आतंकवाद के बारे
में हमारा संदेश बहुत स्पष्ट है: कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं। भारत और मलेशिया
आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करेंगे।”
ट्रेड डील भी दोनों देशों के बीच हुई। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत तेजी से
तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘भारत की यह उल्लेखनीय प्रगति देखकर अच्छा लगता है। मलेशिया
को बहुत फायदा होगा अगर हम भारत के साथ सहयोग के और ज्यादा रास्ते और अवसर तलाश सकें।’
प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर जो कुछ कहा वो भी इस वीडियो का हिस्सा
है। उन्होंने कहा, “हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा
कि भारत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास,
शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।

